यूनियन बजट 2026 में कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ोतरी, MSME क्रेडिट गारंटी और RuPay/UPI इंसेंटिव से बैंकिंग सेक्टर को मजबूती मिली है। प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स ने SBI, ICICI Bank और HDFC Bank पर Buy रेटिंग जारी रखी है। पोस्ट-बजट ट्रेडिंग में प्राइवेट बैंक स्थिर दिखे, जबकि ICICI Bank के मजबूत रिटेल लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी से इसे सबसे ज्यादा रिटर्न की संभावना दिख रही है।
बजट प्रावधानों से बैंकिंग सेक्टर में नई रफ्तार
यूनियन बजट 2026-27 में फिस्कल डेफिसिट को 4.3% पर लाया गया है, जो पिछले रिवाइज्ड अनुमान 4.4% से कम है। कैपिटल एक्सपेंडिचर को 12.2 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉरपोरेट लेंडिंग को बढ़ावा देगा। MSME के लिए GECL स्कीम के तहत 90 अरब रुपये का प्रावधान जारी रखा गया है, जबकि इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड के लिए 10 अरब रुपये दिए गए हैं। RuPay और BHIM-UPI इंसेंटिव को 4.4 अरब से बढ़ाकर 20 अरब रुपये किया गया है, जो डिजिटल पेमेंट्स में बड़ी हिस्सेदारी वाले बैंकों के लिए फायदेमंद है।
बजट में बैंकिंग सेक्टर के लिए हाई-लेवल कमिटी गठित करने की घोषणा की गई है, जो ‘Banking for Viksit Bharat’ पर फोकस करेगी। इससे फाइनेंशियल स्टेबिलिटी, इनक्लूजन और कंज्यूमर प्रोटेक्शन पर जोर मिलेगा।
पोस्ट-बजट शेयर परफॉर्मेंस
बजट पेश होने के अगले दिन (2 फरवरी 2026) बैंकिंग स्टॉक्स मिक्स्ड ट्रेडिंग दिखाई दी। PSU बैंक जैसे SBI में 2.5% से ज्यादा की गिरावट आई, जबकि प्राइवेट बैंक स्थिर रहे। ICICI Bank 0.69% ऊपर ट्रेड कर रहा था, HDFC Bank 0.61% की बढ़त में था। वहीं अन्य PSU बैंक जैसे Bank of Baroda 2.7% और Punjab National Bank 1.63% नीचे थे। प्राइवेट सेक्टर की स्थिरता बजट के कॉरपोरेट और MSME फोकस से जुड़ी है।
ब्रोकरेज फर्म्स की Buy रेटिंग और टारगेट
प्रमुख ब्रोकरेज फर्म्स ने बजट के बाद भी इन तीनों बैंकों पर पॉजिटिव व्यू बनाए रखा है। SBI Securities ने ICICI Bank के लिए टारगेट प्राइस 1535 रुपये रखा है, जो करंट लेवल से करीब 14-15% अपसाइड दिखाता है। लोन बुक ग्रोथ और स्टेबल NIM की वजह से यह अनुमान मजबूत है।
S&P ग्लोबल की रिपोर्ट में SBI, ICICI Bank और HDFC Bank को एशिया-पैसिफिक में मजबूत अपसाइड पोटेंशियल वाला बताया गया है। Elara Capital ने ICICI Bank पर Buy रेटिंग के साथ हाई टारगेट रखा है, क्योंकि इसकी लायबिलिटी फ्रैंचाइजी और रिस्क मैनेजमेंट मजबूत है। Jefferies जैसी ग्लोबल फर्म्स ने भी तीनों पर Buy बरकरार रखा है, लेकिन HDFC Bank में मर्जर सिंर्जी से रिकवरी की उम्मीद जताई है।
तुलना: किस बैंक से ज्यादा कमाई की संभावना?
ICICI Bank : मजबूत रिटेल लोन ग्रोथ (खासकर पर्सनल और ऑटो), बेहतर एसेट क्वालिटी और डिजिटल पेमेंट्स में हिस्सेदारी से सबसे ज्यादा रिटर्न की संभावना। बजट के UPI इंसेंटिव और MSME फोकस से फायदा होगा। करंट प्राइस करीब 1344 रुपये पर मजबूत मोमेंटम दिख रहा है।
HDFC Bank : मर्जर के बाद रिकवरी फेज में है। डिपॉजिट बेस मजबूत होने से फंडिंग कॉस्ट कंट्रोल में रहेगी। बजट की इंफ्रास्ट्रक्चर पुश से कॉरपोरेट लेंडिंग बढ़ेगी, लेकिन हाल की अंडरपरफॉर्मेंस से रिकवरी धीमी हो सकती है।
SBI : RuPay/UPI में सबसे बड़ी हिस्सेदारी और गवर्नमेंट बैकिंग से फायदा। कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ोतरी से कॉरपोरेट लेंडिंग बढ़ेगी, लेकिन PSU होने से मार्केट सेंटिमेंट में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है।
बैंकिंग स्टॉक्स की तुलना (अनुमानित डेटा फरवरी 2026)
| बैंक | करंट प्राइस (लगभग) | अनुमानित टारगेट (ब्रोकरेज) | अपसाइड पोटेंशियल | मुख्य ताकत |
|---|---|---|---|---|
| ICICI Bank | 1344 रुपये | 1535-1700 रुपये | 14-25% | रिटेल ग्रोथ, एसेट क्वालिटी |
| HDFC Bank | 923 रुपये | 1100-1200 रुपये | 20%+ | मर्जर सिंर्जी, डिपॉजिट बेस |
| SBI | 766 रुपये | 900-1000 रुपये | 17-30% | UPI शेयर, गवर्नमेंट सपोर्ट |
ओवरऑल, बजट के प्रावधानों से लार्ज कैप बैंक मजबूत रहेंगे। ICICI Bank की कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस और प्राइवेट सेक्टर की स्थिरता से इसे सबसे ज्यादा कमाई का दावेदार माना जा रहा है। निवेशकों को लॉन्ग-टर्म होल्डिंग और पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन पर फोकस करना चाहिए।
Disclaimer : यह एक न्यूज रिपोर्ट है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा है। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले प्रमाणित फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।