Mercedes-Benz India ने 1 अप्रैल 2026 से अपनी सभी कारों की एक्स-शोरूम कीमतों में लगभग 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह 2026 में कंपनी की दूसरी मूल्य वृद्धि है, जो जनवरी में हुई पहली 2% बढ़ोतरी के बाद आई है। मुख्य कारण रुपये की यूरो के मुकाबले लगातार गिरावट और इनपुट लागत में वृद्धि बताई गई है, जिससे आयातित पार्ट्स और पूरी तरह बने वाहनों की लागत प्रभावित हुई है। कंपनी का कहना है कि यह सुधार ग्राहकों पर न्यूनतम प्रभाव डालने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
Mercedes-Benz की कारें अब और महंगी होने वाली हैं
Mercedes-Benz India ने अपनी पूरी उत्पाद श्रृंखला पर 1 अप्रैल 2026 से करीब 2 प्रतिशत की कीमत बढ़ोतरी लागू करने का ऐलान किया है। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स एंड मार्केटिंग) Brendon Sissing ने स्पष्ट किया कि यह मूल्य सुधार (price correction) विदेशी मुद्रा में अस्थिरता और बढ़ती इनपुट लागतों के प्रभाव को कम करने के लिए आवश्यक है।
यह बढ़ोतरी विशेष रूप से रुपये की यूरो के मुकाबले निरंतर कमजोरी के कारण आई है। पिछले कुछ महीनों में रुपये ने यूरो के सामने उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की है, जिससे जर्मनी से आयात होने वाले कंपोनेंट्स और CBU (completely built units) की लागत में सीधा असर पड़ा है। कंपनी ने कहा कि यह कदम संचालन की लागत को संतुलित करने के लिए उठाया गया है, लेकिन ग्राहकों पर इसका बोझ यथासंभव कम रखने की कोशिश की गई है।
यह 2026 में Mercedes-Benz की दूसरी कीमत वृद्धि है। इससे पहले जनवरी 2026 में भी कंपनी ने लगभग 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। लगातार दो तिमाहियों में मूल्य संशोधन से लग्जरी कार सेगमेंट में लागत दबाव साफ दिखाई दे रहा है। ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि विदेशी मुद्रा दरों में यह अस्थिरता कई लग्जरी ब्रांड्स को प्रभावित कर रही है।
मॉडल-विशिष्ट प्रभाव का अनुमान
हालांकि कंपनी ने प्रत्येक मॉडल के लिए अलग-अलग बढ़ोतरी की राशि अभी घोषित नहीं की है, लेकिन 2 प्रतिशत की औसत वृद्धि के आधार पर अनुमान लगाया जा सकता है कि प्रभाव इस प्रकार होगा:
एंट्री-लेवल मॉडल्स (जैसे A-Class Limousine, GLA): ₹80,000 से ₹1.2 लाख तक अतिरिक्त खर्च।
मिड-रेंज सेडान और SUV (जैसे C-Class, E-Class, GLC): ₹1.5 लाख से ₹3 लाख तक की बढ़ोतरी संभव।
हाई-एंड मॉडल्स (जैसे S-Class, GLS, G-Class): ₹4 लाख से ₹7.33 लाख तक की संभावित वृद्धि, खासकर टॉप वेरिएंट्स पर।
उदाहरण के तौर पर:
Mercedes-Benz C-Class (वर्तमान कीमत ₹58-64 लाख): 2% बढ़ोतरी से लगभग ₹1.2-1.3 लाख अतिरिक्त।
Mercedes-Benz GLS (वर्तमान ₹1.32-1.34 करोड़): ₹2.6-2.7 लाख की बढ़ोतरी हो सकती है।
Mercedes-Benz Maybach GLS या S-Class जैसे प्रीमियम मॉडल्स पर प्रभाव और अधिक होगा।
यह बढ़ोतरी सभी बॉडी टाइप्स – सेडान, SUV, कूपे, कन्वर्टिबल और इलेक्ट्रिक वाहनों (जैसे EQS, EQE) पर लागू होगी।
लग्जरी सेगमेंट में बढ़ती चुनौतियां
Mercedes-Benz India के इस फैसले से लग्जरी कार बाजार में लागत दबाव और साफ हो गया है। इसी तरह Audi India ने भी 1 अप्रैल से अपनी कारों पर 2 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। दोनों ब्रांड्स ने रुपये की कमजोरी और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों को मुख्य वजह बताया है।
भारतीय बाजार में Mercedes-Benz की बिक्री मजबूत बनी हुई है, लेकिन आयात निर्भरता के कारण मुद्रा दरों का असर सीधा पड़ता है। कंपनी ने पहले भी कई बार तिमाही या अर्ध-वार्षिक आधार पर मूल्य समायोजन किया है। 2025 में भी ऐसी कई स्टैगर्ड बढ़ोतरी देखी गई थीं।
ग्राहकों के लिए सलाह
यदि आप Mercedes-Benz की कोई कार खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो 31 मार्च 2026 से पहले बुकिंग या डिलीवरी सुनिश्चित करना फायदेमंद हो सकता है। डीलरशिप पर पुरानी कीमतों पर उपलब्ध स्टॉक सीमित हो सकता है। कंपनी ने संकेत दिया है कि आगे भी मुद्रा दरों के आधार पर समायोजन जारी रह सकता है।
Disclaimer: यह खबर उपलब्ध जानकारी और कंपनी की आधिकारिक घोषणा पर आधारित है। वास्तविक कीमतें मॉडल, वेरिएंट, लोकेशन और डीलर ऑफर्स के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं।