“बीते महीने भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री 18,042 यूनिट्स तक पहुंची, जो पिछले साल की तुलना में 51% अधिक है। टाटा मोटर्स ने 7,852 यूनिट्स बेचकर बाजार पर 43.5% कब्जा किया, जबकि JSW MG Motor और महिंद्रा ने क्रमशः 4,606 तथा 3,589 यूनिट्स के साथ टॉप पोजीशन हासिल की। टॉप 5 में BYD और Hyundai भी शामिल हुए, जो बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा दर्शाते हैं। नए मॉडल्स और कीमतों में कटौती ने इस वृद्धि को बढ़ावा दिया।”
भारत के पैसेंजर इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में बीते महीने कुल 18,042 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले साल के इसी महीने के 11,909 यूनिट्स से 51% अधिक है। यह आंकड़ा FY2026 के लिए सकारात्मक संकेत देता है, जहां कुल बिक्री 2 लाख यूनिट्स के करीब पहुंच सकती है यदि फरवरी और मार्च में यही गति बनी रही। इस वृद्धि का मुख्य कारण नए मॉडल्स का लॉन्च, कीमतों में कमी और सरकारी इंसेंटिव्स का विस्तार रहा, खासकर मास-मार्केट ब्रांड्स में।
टाटा मोटर्स ने बाजार का नेतृत्व जारी रखा, जहां उसने 7,852 यूनिट्स बेचीं, जो पिछले साल के 5,292 यूनिट्स से 48% अधिक है। इससे कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 43.52% हो गई। नए Harrier EV ने मुख्य योगदान दिया, जबकि Nexon EV, Tiago EV और Punch EV ने स्थिर प्रदर्शन दिखाया। Curvv EV कूपे-SUV ने अभी ट्रैक्शन नहीं पकड़ा, लेकिन कंपनी की रणनीति में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
JSW MG Motor ने दूसरा स्थान हासिल किया, जहां 4,606 यूनिट्स की बिक्री के साथ उसकी बाजार हिस्सेदारी 25.5% रही। पिछले साल के 4,527 यूनिट्स से मामूली 2% वृद्धि दर्ज हुई, लेकिन Comet EV और ZS EV जैसे मॉडल्स ने शहरी खरीदारों को आकर्षित किया। कंपनी की साझेदारी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाई, जो आगे की वृद्धि के लिए आधार बनेगी।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने सबसे तेज उछाल दिखाया, जहां 3,589 यूनिट्स की बिक्री पिछले साल के 739 यूनिट्स से 386% अधिक रही। इससे बाजार हिस्सेदारी 19.9% हो गई। XUV400 EV और नए BE 6e मॉडल ने SUV सेगमेंट में मजबूती दी, जहां हाई-माइलेज यूजर्स ने इन्हें पसंद किया। कंपनी की इलेक्ट्रिक पोर्टफोलियो विस्तार योजना FY2026 में और मजबूती लाएगी।
BYD ने चौथा स्थान प्राप्त किया, जहां Atto 3 और E6 जैसे मॉडल्स की बदौलत लगभग 721 यूनिट्स बिकीं। चीनी ब्रांड की बैटरी टेक्नोलॉजी और रेंज ने मिड-प्रीमियम सेगमेंट में जगह बनाई, जहां सरकारी FAME स्कीम का लाभ उठाया गया। Hyundai ने पांचवां स्थान हासिल किया, जहां Ioniq 5 और Kona Electric ने 639 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की। कोरियन ब्रांड की फास्ट चार्जिंग फीचर्स ने लंबी दूरी के खरीदारों को प्रभावित किया।
टॉप 5 निर्माताओं की बिक्री और बाजार हिस्सेदारी
| क्रम | निर्माता | बिक्री (यूनिट्स) | YoY वृद्धि (%) | बाजार हिस्सेदारी (%) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | Tata Motors | 7,852 | 48 | 43.52 |
| 2 | JSW MG Motor | 4,606 | 2 | 25.52 |
| 3 | Mahindra & Mahindra | 3,589 | 386 | 19.89 |
| 4 | BYD | 721 | 25 | 4.00 |
| 5 | Hyundai | 639 | 18 | 3.54 |
इस वृद्धि में मास-मार्केट कारमेकर्स का दबदबा रहा, जहां कुल बिक्री का 89% इन्हीं ब्रांड्स से आया। प्रीमियम ब्रांड्स जैसे BMW, Mercedes-Benz और Volvo ने कुल 505 यूनिट्स बेचीं, जो बाजार के 2.8% हिस्से तक सीमित रही। लग्जरी सेगमेंट में चुनौतियां चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई प्राइस पॉइंट्स से जुड़ी हैं।
प्रमुख मॉडल्स का प्रदर्शन
Tata Harrier EV : 2,500+ यूनिट्स बिकीं, जहां 59 kWh बैटरी और 500 km रेंज ने SUV प्रेमियों को आकर्षित किया।
MG Comet EV : 1,800 यूनिट्स, छोटे शहरों में किफायती ऑप्शन के रूप में लोकप्रिय।
Mahindra BE 6e : 1,200 यूनिट्स, नई लॉन्च के बावजूद तेज ग्रोथ दिखाई।
BYD Atto 3 : 450 यूनिट्स, ब्लेड बैटरी टेक्नोलॉजी ने सेफ्टी फोकस्ड खरीदारों को पसंद आया।
Hyundai Ioniq 5 : 350 यूनिट्स, 72.6 kWh बैटरी और 631 km रेंज के साथ प्रीमियम चॉइस बनी।
बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, जहां नए एंट्री जैसे VinFast ने 432 यूनिट्स बेचकर ध्यान खींचा। यह ब्रांड लो-कॉस्ट EVs पर फोकस कर रहा है, जो मास मार्केट को चुनौती दे सकता है। कुल मिलाकर, पेट्रोल व्हीकल्स की तुलना में EVs का हिस्सा 4% तक पहुंचा, जो पिछले महीने के 3.5% से बेहतर है।
बाजार ट्रेंड्स और चुनौतियां
कीमत कटौती का प्रभाव : कई ब्रांड्स ने 10-15% तक कीमतें घटाईं, जैसे Tata Punch EV अब 9.99 लाख से शुरू।
चार्जिंग नेटवर्क : भारत में 15,000+ पब्लिक चार्जर्स उपलब्ध, लेकिन ग्रामीण इलाकों में कमी।
सरकारी समर्थन : FAME-III स्कीम के तहत 2,000 करोड़ का आवंटन, जो बैटरी स्वैपिंग को बढ़ावा देगा।
उपभोक्ता व्यवहार : 60% खरीदार शहरी हैं, जहां ट्रैफिक और प्रदूषण EVs को पसंदीदा बनाते हैं।
आगे की संभावनाएं : FY2026 में 25% वार्षिक वृद्धि की उम्मीद, जहां नए मॉडल्स जैसे Tata Sierra EV और Maruti e-Vitara बाजार को बदल सकते हैं।
इस सेगमेंट में बैटरी कॉस्ट में 20% की कमी ने वृद्धि को सपोर्ट किया, जहां लिथियम-आयन सेल्स की लोकल मैन्युफैक्चरिंग बढ़ी। कुल पैसेंजर व्हीकल मार्केट में EVs की हिस्सेदारी बढ़ने से ऑटो इंडस्ट्री में शिफ्ट दिख रहा है, जहां डीजल व्हीकल्स का हिस्सा 17% तक सिमट गया।
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