सोने-चांदी की कीमतों में भारी उथल-पुथल: गिरावट के बाद तेजी, एक्सपर्ट्स बताते हैं कब तक चलेगी यह अस्थिरता

“सोने और चांदी की कीमतें हाल के दिनों में रिकॉर्ड ऊंचाई से तेज गिरावट के बाद फिर रिकवर कर रही हैं। 13 फरवरी 2026 को भारत में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम के आसपास ₹1,53,000 से ₹1,58,000 के बीच ट्रेड कर रहा है, जबकि चांदी ₹2,40,000 से ₹2,80,000 प्रति किलो के रेंज में है। वैश्विक स्तर पर मजबूत अमेरिकी डॉलर, फेड की ब्याज दर नीति और आर्थिक डेटा के कारण यह volatility जारी है, लेकिन लंबे समय में बुलिश ट्रेंड बरकरार रह सकता है।”

भारतीय बाजार में सोना और चांदी की कीमतें पिछले कुछ हफ्तों से लगातार उतार-चढ़ाव का शिकार बनी हुई हैं। जनवरी 2026 में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद फरवरी की शुरुआत में भारी गिरावट आई, लेकिन अब कीमतें फिर से रिकवर कर रही हैं। MCX पर अप्रैल 2026 गोल्ड फ्यूचर्स ₹1,54,000 से ₹1,58,000 प्रति 10 ग्राम के बीच ट्रेड कर रहे हैं, जबकि मार्च सिल्वर फ्यूचर्स ₹2,40,000 से ₹2,43,000 प्रति किलो के आसपास हैं।

फिजिकल मार्केट में आज 24 कैरेट सोना प्रति ग्राम ₹15,300 से ₹15,900 के बीच है, जबकि 22 कैरेट ₹14,100 से ₹14,600 के रेंज में। चांदी प्रति ग्राम ₹240 से ₹280 और प्रति किलो ₹2,40,000 से ₹2,80,000 तक देखी जा रही है। प्रमुख शहरों में दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु में कीमतें लगभग समान हैं, हालांकि लोकल टैक्स और मेकिंग चार्जेस से थोड़ा अंतर रहता है।

यह उथल-पुथल मुख्य रूप से वैश्विक कारकों से प्रभावित है। अमेरिकी रोजगार डेटा मजबूत आने से फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीदें कम हुईं, जिससे डॉलर इंडेक्स में तेजी आई। मजबूत डॉलर ने डॉलर में मूल्यांकित सोने-चांदी को महंगा बनाया, जिससे निवेशक बिकवाली पर उतर आए। हाल ही में कीमतें $5,000 प्रति औंस से नीचे गिरने के बाद अब $4,900-$5,000 के आसपास स्थिर हैं, जबकि सिल्वर $77-$78 प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा है।

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एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह volatility 2026 की शुरुआत में सामान्य है क्योंकि बाजार 2025 के भारी रैली के बाद प्रॉफिट बुकिंग और टेक्निकल करेक्शन से गुजर रहा है। सिल्वर में गिरावट सोने से ज्यादा तेज रही क्योंकि यह इंडस्ट्रियल मेटल भी है और इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी जैसे सेक्टरों में डिमांड के साथ-साथ स्पेकुलेटिव ट्रेडिंग से प्रभावित होता है।

कीमतों के प्रमुख ट्रिगर्स

अमेरिकी आर्थिक डेटा : मजबूत जॉब्स रिपोर्ट और इन्फ्लेशन आंकड़ों से रेट कट की संभावना घटी।

डॉलर की मजबूती : डॉलर इंडेक्स में 2-3% की तेजी से प्रेशर बढ़ा।

जियोपॉलिटिकल फैक्टर : ट्रेड डील्स और टैरिफ पॉलिसी से अनिश्चितता, लेकिन हाल में कुछ राहत।

सेंट्रल बैंक डिमांड : भारत, चीन जैसे देशों की खरीदारी से सपोर्ट मिला।

इंडस्ट्रियल यूज : सिल्वर में सोलर और इलेक्ट्रिक व्हीकल डिमांड से लंबे समय में बुलिश केस।

एक्सपर्ट ओपिनियन और आउटलुक

कई एनालिस्ट्स मानते हैं कि शॉर्ट टर्म में volatility बनी रहेगी, खासकर US CPI डेटा, फेड मीटिंग और ग्लोबल ग्रोथ सिग्नल्स के इर्द-गिर्द। लेकिन लंबे समय में बुल मार्केट जारी रह सकता है क्योंकि सेंट्रल बैंक खरीदारी, सप्लाई कंस्ट्रेंट्स और इकोनॉमिक अनिश्चितता बनी हुई है।

सिल्वर में गिरावट सोने से दोगुनी तेज रही, लेकिन यह भी रिकवर कर रहा है। निवेशकों को सलाह है कि DIP पर खरीदारी करें, लेकिन ओवर-लीवरेज्ड पोजीशन से बचें। MCX पर सपोर्ट लेवल गोल्ड के लिए ₹1,50,000 और सिल्वर के लिए ₹2,35,000 के आसपास हैं, जबकि रेजिस्टेंस ₹1,58,000 और ₹2,70,000 पर।

यह अस्थिरता आने वाले हफ्तों में जारी रह सकती है, लेकिन मजबूत फंडामेंटल्स से कीमतें फिर से नई ऊंचाई छू सकती हैं। निवेश से पहले लोकल ज्वेलर या कमोडिटी एक्सपर्ट से सलाह लें।

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Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और बाजार ट्रेंड्स पर आधारित है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।

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