“SoftBank की सब्सिडियरी SVF II Ostrich (DE) LLC ने Ola Electric में 2.15% स्टेक बेचा, जिससे होल्डिंग 15.68% से घटकर 13.53% हो गई। यह बिक्री 94,62,82,99 शेयरों की थी, जो बाजार में चिंता पैदा कर रही है और शेयर प्राइस पर दबाव बढ़ा सकती है। पिछली बिक्री के बाद भी स्टॉक में गिरावट देखी गई, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह।”
Ola Electric में SoftBank की बड़ी बिक्री का खुलासा
SoftBank की इन्वेस्टमेंट आर्म SVF II Ostrich (DE) LLC ने Ola Electric Mobility में कुल 94,62,82,99 इक्विटी शेयर बेच दिए। यह बिक्री सितंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच कई ट्रांजेक्शन में हुई, जिसमें SEBI के 2% थ्रेशोल्ड को पार किया गया। इस डील से कंपनी में SoftBank की हिस्सेदारी 15.68% से घटकर 13.53% रह गई।
शेयर बाजार पर असर
इस खबर के बाद Ola Electric के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। BSE पर स्टॉक प्राइस में 2-3% की कमी आई, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाती है। मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि सोमवार को ओपनिंग में आगे दबाव पड़ सकता है, क्योंकि बड़े इन्वेस्टर की एग्जिट सिग्नल बाजार सेंटिमेंट को प्रभावित करता है। अगर EV सेक्टर में कॉम्पिटिशन बढ़ा, तो स्टॉक 10-15% तक लुढ़क सकता है।
पिछली बिक्री का पैटर्न
पिछले साल SVF II Ostrich (DE) LLC ने 94,94,34,59 शेयर बेचे थे, जिससे स्टेक 17.83% से घटकर 15.68% हुआ। यह दूसरी बार है जब SoftBank ने Ola Electric में हिस्सेदारी कम की, जो इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी में शिफ्ट का संकेत देता है। फाउंडर Bhavish Aggarwal ने भी हाल में 4.2 करोड़ शेयर बेचे, जो पर्सनल लोन रिपेमेंट के लिए था।
शेयरहोल्डिंग में बदलाव
नीचे दी गई टेबल में Ola Electric की प्रमुख शेयरहोल्डिंग में बदलाव दिखाया गया है:
निवेशकों के लिए ключ पॉइंट्स
| हिस्सेदार | पहले (%) | अब (%) | बेचे गए शेयर |
|---|---|---|---|
| SVF II Ostrich (DE) LLC | 15.68 | 13.53 | 94,62,82,99 |
| Bhavish Aggarwal | – | – | 4.2 करोड़ (हालिया) |
| अन्य प्रमोटर्स | 36.5 | 36.5 | कोई बदलाव नहीं |
रिस्क फैक्टर : बड़े इन्वेस्टर की एग्जिट से शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी बढ़ सकती है, लेकिन Ola Electric की EV मार्केट ग्रोथ मजबूत बनी हुई है।
मार्केट ट्रेंड : EV सेक्टर में Bajaj Auto और TVS जैसे कॉम्पिटिटर्स से चुनौती, लेकिन Ola की S1 सीरीज की डिमांड हाई है।
सलाह : लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर होल्ड करें, लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स स्टॉप-लॉस सेट करें। अगर स्टॉक 80 रुपये से नीचे गिरा, तो बायिंग ऑपर्चुनिटी बन सकती है।
फाइनेंशियल इम्पैक्ट : कंपनी की वैल्यूएशन पर दबाव, लेकिन Q3 रिजल्ट्स में रेवेन्यू ग्रोथ 20% से ऊपर रहने की उम्मीद।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट, टिप्स और स्रोतों पर आधारित है।