Union Budget 2026-27 के लिए आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी को पेश होगा, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को रविवार को बजट पेश करेंगी। बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रपति का संबोधन, आर्थिक सर्वेक्षण, बजट प्रस्तुति, सामान्य चर्चा, अनुदान मांगों पर बहस और मतदान शामिल है। सत्र दो हिस्सों में विभाजित है, जिसमें बीच में रिक्ति होगी।
Union Budget 2026: आर्थिक सर्वेक्षण से बजट पेश होने और बजट सत्र समाप्त होने तक, कब क्या होगा
बजट सत्र 2026 की शुरुआत 28 जनवरी से हो रही है। इस दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपना वार्षिक संबोधन देंगी। राष्ट्रपति का संबोधन सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का खाका पेश करता है। यह बजट सत्र का औपचारिक उद्घाटन होता है।
29 जनवरी को मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करेंगे। यह दस्तावेज पिछले वित्त वर्ष की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण करता है और आने वाले बजट के लिए दिशा-निर्देश देता है। सर्वेक्षण में जीडीपी वृद्धि अनुमान, मुद्रास्फीति, रोजगार, निर्यात, आयात, राजकोषीय घाटा और क्षेत्रीय प्रदर्शन जैसे आंकड़े शामिल होते हैं। इस बार सर्वेक्षण 7-7.5% की जीडीपी वृद्धि का अनुमान दे सकता है।
30 और 31 जनवरी को सदन में सामान्य चर्चा या अन्य कार्य हो सकते हैं, हालांकि मुख्य फोकस 1 फरवरी पर रहेगा। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 11 बजे संसद में संघीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। यह भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार रविवार को बजट प्रस्तुत करने का मौका होगा। बजट भाषण में कर प्रस्ताव, व्यय आवंटन, नई योजनाएं, सब्सिडी, इंफ्रास्ट्रक्चर फंडिंग और राजकोषीय लक्ष्य शामिल होंगे।
बजट प्रस्तुति के बाद प्रक्रिया इस प्रकार आगे बढ़ती है:
तुरंत बाद : बजट भाषण के साथ वित्त विधेयक पेश किया जाता है।
अगले कुछ दिन : बजट पर सामान्य चर्चा होती है। लोकसभा और राज्यसभा में अलग-अलग बहस चलती है।
अनुदान मांगें : विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगें (Demand for Grants) पेश की जाती हैं। प्रत्येक मंत्रालय के लिए अलग-अलग बहस होती है।
कटौती प्रस्ताव : विपक्ष कटौती प्रस्ताव ला सकता है, जिस पर चर्चा होती है।
मतदान : अनुदान मांगों पर मतदान होता है।
बजट सत्र दो हिस्सों में विभाजित है। पहले हिस्से में बजट प्रस्तुति और प्रारंभिक चर्चा होती है। उसके बाद रिक्ति (recess) होती है, ताकि संसदीय समितियां अनुदान मांगों की जांच कर सकें। दूसरा हिस्सा मार्च में शुरू होता है।
बजट प्रक्रिया में मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
राष्ट्रपति का संबोधन : सरकार का नीतिगत एजेंडा।
आर्थिक सर्वेक्षण : डेटा-आधारित विश्लेषण।
बजट प्रस्तुति : आय-व्यय अनुमान, कर बदलाव।
सामान्य चर्चा : नीतिगत दिशा पर बहस।
अनुदान मांगें : मंत्रालय-वार आवंटन।
कटौती प्रस्ताव : विपक्ष की आपत्तियां।
वित्त विधेयक पारित : कर प्रस्तावों को कानूनी रूप।
उपयुक्ति विधेयक : व्यय को मंजूरी।
| तारीख | घटना/प्रक्रिया | महत्वपूर्ण विवरण |
|---|---|---|
| 28 जनवरी 2026 | बजट सत्र की शुरुआत, राष्ट्रपति का संबोधन | संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सरकार की प्राथमिकताएं बताएंगी |
| 29 जनवरी 2026 | आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 प्रस्तुत | मुख्य आर्थिक सलाहकार द्वारा पेश, पिछले वर्ष का आकलन और अनुमान |
| 1 फरवरी 2026 | संघीय बजट 2026-27 प्रस्तुत | वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 11 बजे, रविवार को पहली बार |
| फरवरी 2026 (पहला भाग) | बजट पर सामान्य चर्चा, वित्त विधेयक पर बहस | दोनों सदनों में चर्चा, कर प्रस्तावों पर विचार |
| फरवरी अंत/मार्च प्रारंभ | रिक्ति (Recess) | संसदीय विभागीय समितियां अनुदान मांगों की जांच करती हैं |
| 9 मार्च 2026 | सत्र का दूसरा भाग शुरू | अनुदान मांगों पर विस्तृत बहस |
| मार्च-अप्रैल 2026 | अनुदान मांगों पर मतदान, वित्त विधेयक पारित | आवश्यक विधेयकों को मंजूरी |
| 2 अप्रैल 2026 | बजट सत्र समाप्त | सभी कार्य पूरा होने के बाद सत्र का अंत |
इस सत्र में कुल 30-35 कार्य दिवस हो सकते हैं। पहले भाग में 5-7 दिन और दूसरे भाग में 20-25 दिन। बजट के बाद वित्त विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर कानून बनता है। अनुदान मांगें पारित होने के बाद Appropriation Bill पेश होता है।
यदि कोई विलंब होता है तो सत्र बढ़ सकता है, लेकिन घोषित कैलेंडर के अनुसार 2 अप्रैल अंतिम तिथि है। बजट लागू होने की तारीख 1 अप्रैल 2026 से है, इसलिए सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होनी जरूरी हैं।
Disclaimer : यह एक समाचार रिपोर्ट है।